60 वर्षीय वृद्धा आरोपी भी शामिल
दिल्ली- एनसीआर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नाबालिग लड़कियों को आंध प्रदेश ले जाकर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सीमापुरी थाना पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिलाओं में 60 वर्षीय वृद्धा भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 16 वर्ष की दो लड़कियां मुक्त कराई गई हैं। आरोपी सिर्फ 13 ये 15 वर्ष की लड़कियों को ही दिल्ली से आंध्र प्रदेश लेकर जाकर बेचते थे। संभावना है कि ये छह से ज्यादा लड़कियों को आंध्र प्रदेश में बेच चुके हैं। आंध्र प्रदेश में लड़कियों को कई बार बेचा जाता था और आखिर में उन्हें कोठे पर बेच दिया जाता था। मुख्य आरोपी जहांगीर के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नई सीमापुरी में रहने वाली नूरजहां पत्नी जहांगीर उर्फ काना 16 वर्षीय किशोरी को नौकरी दिलाने के बहाने आंध्र प्रदेश ले गई। नूरजहां साथ में किशोरी की हमउम्र सहेली को भी ले गई थी। आंध्र प्रदेश में दोनों लड़कियों को एक महिला के हवाले कर दिया गया। यहां पर दोनों किशोरियों को एक कमरे में बंद कर वेश्यावृति कराने का दबाव बनाया जाने लगा। विरोध करने पर मारपीट की गई। किशोरी किसी तरह आंध्र प्रदेश से दिल्ली भागकर आ गई और अपने परिजनों के साथ मिलकर सीमापुरी थानाध्यक्ष विनय यादव को शिकायत दी। मामला दर्जकर इंस्पेक्टर विनय यादव की देखरेख में एसआई सोनू कुमार, सिपाही अर्जुन व सिपाही रामप्रताप की टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस को जांच में पता लगा कि मुख्य आरोपी जहांगीर के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ है। जांच के बाद पुलिस टीम ने नूरजहां को गिरफ्तार कर लिया। इसकी निशानदेही पर दूसरी लड़की को भी बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने अनंतपुर, आंध्र प्रदेश में दबिश देकर आरोपियों से लड़कियों को खरीदने वाली महिला रांगेपल्ली उर्फ ज्योति को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जहांगीर उर्फ काना को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद इंस्पेक्टर विनय यादव की टीम ने जहांगीर को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। जहांगीर ने अपने साथी अलाउद्दीन के नाम का खुलासा किया। ये दोनों ही लड़कियों को आंध्र प्रदेश ले जाते थे। एसआई सोनू कुमार ने सीमापुरी निवासी अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया।







