क्या है मामला
घटना 3 सितंबर 2024 की है। कोटमी क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा को आरोपी ने पेंड्रा बस स्टैंड से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। घर छोड़ने और समोसा खिलाने का झांसा देकर वह छात्रा को कोरबा जिले के पसान थाना क्षेत्र के तेलियामार गांव स्थित एक परिचित के घर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।
पीड़िता ने दिखाई हिम्मत, आरोपी पहुंचा सलाखों के पीछे
घटना के बाद पीड़िता ने साहस जुटाकर पेंड्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की।
विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह की प्रभावी पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत सबूत और गवाह पेश किए, जिससे आरोपी को दोषी करार दिया गया।
सजा का विवरण
विशेष न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी को:
पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत आजीवन कारावास (शेष जीवन तक)
₹5,000 का अर्थदंड, भुगतान न करने की स्थिति में 6 माह की अतिरिक्त सजा
भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और ₹2,000 का अतिरिक्त जुर्माना
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
न्यायिक प्रणाली में विश्वास की जीत
इस फैसले को महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने अदालत के इस निर्णय की प्रशंसा की है और उम्मीद जताई है कि इससे समाज में ऐसे अपराधों पर लगाम लगेगी।







