नई दिल्ली – पटियाला हाउस कोर्ट में गुरुवार को उस समय अप्रत्याशित मोड़ आ गया जब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अतुल अहलावत ने स्वयं को आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती की जमानत याचिका पर सुनवाई से अलग कर लिया। अब यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा गया है, जो इसे किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपेंगे। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और अगली सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है।
चैतन्यानंद सरस्वती पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी शिक्षण संस्थान की 17 छात्राओं के साथ यौन दुर्व्यवहार किया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच कर रही है और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
बाबा का लग्जरी लाइफस्टाइल और छात्राओं को फाइव स्टार होटल बुलाने के आरोप
जांच में पता चला है कि आरोपी बाबा अकसर छात्राओं को फाइव स्टार होटलों में बुलाता था, जहां उनके लिए कमरे और डिनर की व्यवस्था की जाती थी। एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में संस्थान की महिला अधिकारी (जिन्हें “डीन” कहा जा रहा है) छात्राओं को फोन पर यह कहती सुनाई दे रही हैं कि उन्हें होटल जाना होगा, जहां बाबा उनका इंतज़ार कर रहे हैं।
रिकॉर्डिंग में महिला अधिकारी छात्राओं से कहती हैं कि स्वामीजी ने उनके लिए रूम बुक किया है और उन्हें वहीं डिनर करके रात वहीं रुकना होगा। छात्राएं मना करती हैं, तो उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर वे नहीं आईं, तो रूम बुकिंग रद्द कर दी जाएगी और अगली बार ठहरने की व्यवस्था उन्हें खुद करनी होगी।
पीड़ितों की बीमारी पर भी संदेह
एक अन्य ऑडियो में जब छात्राएं शारीरिक अस्वस्थता का हवाला देकर होटल जाने से मना करती हैं, तो अधिकारी उन्हें “बहानेबाज” कहती हैं। छात्राएं बार-बार अपनी तबीयत खराब होने की बात दोहराती हैं और यहां तक कहती हैं कि वे सबूत भी भेज सकती हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें डांटते हुए कहती हैं कि वे सिर्फ स्वामीजी से मिलने से बचना चाहती हैं।
बाबा को जेल में विशेष सुविधाएं मिलीं
इससे पहले बुधवार को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने चैतन्यानंद की उस याचिका को मंजूरी दी थी जिसमें उन्होंने प्याज-लहसुन रहित भोजन, चश्मा और दवाइयों की मांग की थी।






