राजस्थान। करधनी थाना पुलिस ने बैंक अकाउंट्स की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 11 चेकबुक, 9 पासबुक, 13 डेबिट कार्ड और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
डीसीपी जयपुर (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आशीष नीलकंठ मुंडे (32) और जयंत शंकर अतकरी (27) दोनों नागपुर के निवासी हैं। इसके अलावा सीकर का एक नाबालिग भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये लोग गरीब लोगों और कॉलेज स्टूडेंट्स को 5 से 7 हजार रुपये का लालच देकर नए बैंक अकाउंट खुलवाते थे।
इसके बाद ये अकाउंट जयपुर में साइबर क्रिमिनल्स को 15 से 25 हजार रुपये में बेच दिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि सभी खाते हाल ही में खोले गए थे, जिससे यह अंदेशा है कि गिरोह पहले भी बड़ी संख्या में नए अकाउंट्स साइबर अपराधियों तक पहुंचा चुका है।
पुलिस का कहना है कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग में किया जा सकता है। इस वजह से आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और घटनाओं का खुलासा किया जा सके। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने और बैंक अकाउंट बेचने की बात भी स्वीकार की है, जिससे आगे और नाम सामने आने की संभावना है।







