पुलिस और एसटीएफ ने समय रहते रोका, अभ्यर्थियों से मोटी रकम की मांग का प्रयास
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा के दौरान संभावित ठगी की योजना को पुलिस और एसटीएफ ने समय रहते नाकाम कर दिया। 21 सितंबर 2025 को आयोजित इस परीक्षा में असामाजिक तत्वों द्वारा अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम की मांग की जा रही थी।
पुलिस और एसटीएफ को 2 दिन पहले गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति गिरोह बनाकर अभ्यर्थियों से परीक्षा में पास कराने के नाम पर 12 से 15 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। जांच में यह जानकारी सामने आई कि पकंज गौड़ नामक अभ्यर्थी हाकम सिंह के संपर्क में था और उनके माध्यम से अभ्यर्थियों से अवैध धनराशि की मांग की जा रही थी।
देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 अभियुक्तों को पटेल नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में हाकम सिंह (42 वर्ष) निवासी ग्राम निवाड़ी, थाना मोरी, उत्तरकाशी और पंकज गौड़ (32 वर्ष) निवासी ग्राम कंडारी, ब्लॉक नौगांव, उत्तरकाशी शामिल हैं। उनके खिलाफ कोतवाली पटेल नगर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं रोकथाम के उपाय) अध्यादेश 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने पूछताछ में खुलासा किया कि अभियुक्तों का उद्देश्य अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठना था। यदि किसी अभ्यर्थी का चयन स्वतः हो जाता तो वे पैसे अपने पास रख लेते, और यदि चयन नहीं होता तो आगे की परीक्षाओं में पैसे को एडजस्ट करने का झांसा देकर अभ्यर्थियों को फंसाने की योजना थी।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान परीक्षा की सुचिता और गोपनीयता भंग नहीं हुई है और किसी अभ्यर्थी की वास्तविक सफलता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।






