मंडी- विशेष न्यायालय-1 मंडी ने 1.351 किलोग्राम चरस की तस्करी के मामले में कुल्लू जिला के डोभी गांव निवासी सुनील कुमार और सुनील चंद को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि आर्थिक दंड अदा नहीं किया गया, तो दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
हालाँकि, मामले में शामिल तीसरे आरोपी विकास उर्फ विक्की को प्रमाणों के अभाव में अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया।
यह मामला 1 अगस्त 2018 की रात का है, जब सुंदरनगर थाना पुलिस ने एनएच-21 पर PWD रेस्ट हाउस चौक के पास एक बोलेरो पिकअप को संदेह के आधार पर रोका। वाहन में दो व्यक्ति सवार थे—चालक सुनील कुमार और साथ बैठा व्यक्ति सुनील चंद, दोनों ने अपना पता डोभी, जिला कुल्लू बताया। पूछताछ में पाया गया कि चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो बोनट के अंदर से 1.351 किलो चरस बरामद की गई। पूछताछ में सुनील कुमार ने खुलासा किया कि यह चरस उसे 31 जुलाई 2018 को विकास उर्फ विक्की, निवासी गांव बुलंग, कुल्लू ने दी थी। इसके बाद पुलिस ने विकास को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चरस देने की बात स्वीकार की, लेकिन मुकदमे के दौरान प्रमाणों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया।
जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज ने बताया कि अदालत ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर सुनील कुमार और सुनील चंद को NDPS अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत दोषी मानते हुए सजा सुनाई।







