उत्तरप्रदेश। बरेली के किला थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक नेपाली युवती को चोर समझकर भीड़ ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। युवती नौकरी की तलाश में शहर आई थी और एक परिचित के घर रुकी थी। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
घटना किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बारादरी की है, जहां शुक्रवार रात नेपाली मूल की युवती सुस्मीता सारु मगर उर्फ काजल पर भीड़ ने चोर होने का शक जताकर हमला कर दिया। युवती ने बताया कि वह नोएडा में नौकरी करती थी, लेकिन हाल ही में काम छूटने के बाद वह बरेली आई और अपने परिचित विनय के घर रुकी थी।
डर की वजह से लगाई छत से छलांग
रात करीब एक बजे युवती के फोन पर कॉल आने पर वह बात करते हुए छत पर चली गई। वहां मोहल्ले के कुछ लोगों ने उसे देख लिया और संदेह के आधार पर शोर मचाना शुरू कर दिया। “चोर-चोर” की आवाज़ लगाते हुए दर्जनों लोग उसकी ओर दौड़ पड़े। घबराकर युवती ने छत से छलांग लगा दी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
भीड़ ने मिलकर खंभे से बांध पीटा
नीचे गिरने के बाद भीड़ ने उसे पकड़कर खंभे से बांध दिया और डंडों से बेरहमी से पीटा। रस्सियों से हाथ-पैर बांधकर घंटों पूछताछ की गई। इस दौरान उसके दो दांत टूट गए और शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। वह लगातार हाथ जोड़कर कहती रही कि वह चोर नहीं है, बल्कि नौकरी की तलाश में शहर आई है, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। विनय का नाम बताने पर उसे छोड़ा गया।
पुलिस ने किया चार लोगों को गिरफ्तार
भीड़ द्वारा मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। युवती की शिकायत पर पुलिस ने मोहल्ला बारादरी के गौरव सक्सेना, शिवम सक्सेना, अमन सक्सेना और अरुण सैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि युवती की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वायरल वीडियो के आधार पर चार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई है। अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।







