मध्य प्रदेश। नरसिंहगढ़ में वर्ष 2021 में हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले में जिला न्यायालय ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह हत्या उस समय हुई थी, जब मृतक अपने घर के बाहर चाय पी रहा था और उसकी बेटी आंगन में बैठी थी। न्यायालय ने गवाही और साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया।
षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग सिंह कुशवाह ने बहुचर्चित हत्याकांड पर फैसला सुनाते हुए नरसिंहगढ़ निवासी लखन रजक (23), प्रशांत ठाकुर (24) और दिन्नू उर्फ दिनेश साहू (26) को दोषी ठहराया।
लखन रजक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 (सामूहिक रूप से हत्या) के तहत आजीवन कारावास और ₹1,000 के जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं प्रशांत ठाकुर और दिन्नू को भी धारा 302/34 के अंतर्गत उम्रकैद के साथ-साथ आयुध अधिनियम की धारा 25(1-बी)(ए) में 3 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 27(1) में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹2,000 के आर्थिक दंड से दंडित किया गया।
इस मामले की पैरवी अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन कैलाश चंद्र पटैल और सहायक जिला अभियोजन अधिकारी हेमंत कुमार पांडेय ने की।
यह दिल दहला देने वाली वारदात 23 फरवरी 2021 की शाम को घटी। नरसिंहगढ़ निवासी गोपाल उर्फ परम रजक (55) अपने घर के बाहर चाय पी रहे थे और उनकी बेटी आंगन में थी। उसी दौरान, तीन नकाबपोश युवक एक काली डिस्कवर बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे और सीधे घर में घुसकर गोपाल पर देसी कट्टे से गोली चला दी। गोली लगते ही वे गिर पड़े और परिजन उन्हें अस्पताल लेकर भागे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को पर्याप्त मानते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और कठोर सजा सुनाई।







