हत्या के अगले दिन शोक जताने मृतक के घर पहुंचा आरोपी मनीष, पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले के नागदा में आठ दिन पहले हुए युवक हुकुम गिरवाल की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी की खौफनाक साजिश सामने आई है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक आरोपी मनीष पाटीदार हत्या के बाद अंतिम संस्कार तक में शामिल हुआ था।
उज्जैन के नागदा तहसील के बिरलाग्राम थाना क्षेत्र स्थित भगतपुरी में 18 जुलाई की रात हुकुम गिरवाल की उसके घर में घुसकर धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अज्ञात नकाबपोशों ने उस पर 25 से अधिक वार किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एएसपी मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी आरती की कॉल डिटेल से चौंकाने वाले सुराग मिले। पता चला कि आरती के बदनावर निवासी मनीष पाटीदार से अवैध संबंध थे। पुलिस ने जब मनीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने हत्या की योजना और क्रियान्वयन की बात कबूल कर ली। मनीष ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी प्रदीप के साथ मिलकर हत्या की थी और वारदात से पहले उसने इलाके की रेकी भी की थी।
हत्या के बाद मनीष ने पुलिस और मृतक के परिजनों को गुमराह करने के लिए शोक जताते हुए न सिर्फ मृतक के घर गया, बल्कि अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ। आरती ने पुलिस को बताया कि हत्या की रात वह कमरे में थी और नकाबपोश हमलावरों ने उसका चेहरा कंबल से ढक दिया था, जिससे वह उन्हें पहचान नहीं सकी।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि हुकुम की दो पत्नियां थीं—एक रतलाम की और दूसरी बदनावर की, जिसे वह भगाकर लाया था। बदनावर की पत्नी आरती का ही मनीष से प्रेम संबंध था और हुकुम को इस पर शक हो गया था। इसी वजह से उनके बीच अक्सर विवाद होता था।
एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, मनीष और आरती के बीच लंबे समय से फोन पर बातचीत होती थी और हत्या की साजिश पहले ही रच ली गई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस जघन्य हत्या का खुलासा किया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरती भी इस साजिश में सक्रिय भूमिका में थी या नहीं।







