फर्रुखाबाद। पत्नी से विवाद के बाद पुलिस चौकी में पिटाई और अपमान से आहत एक युवक ने सोमवार रात को आत्महत्या कर ली। मृतक ने खुदकुशी से पहले अपनी पैंट पर पेन से सुसाइड नोट लिखा, जिसमें चौकी में मारपीट और बेइज्जती का जिक्र किया गया है। मामला मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के छेदा नगला गांव का है।
चालीस हज़ार और अपमान
परिवार वालों ने बताया कि दिलीप (25) को सोमवार दोपहर हथियापुर पुलिस चौकी बुलाया गया था, जहां उसकी पत्नी और ससुराल वालों की मौजूदगी में दो सिपाहियों ने उसे बुरी तरह पीटा। आरोप है कि 40 हजार रुपये लेने के बाद ही उसे छोड़ा गया। दिलीप यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सका और रात में घर पर फंदे से झूल गया।
पैंट पर लिखा सुसाइड नोट
मंगलवार सुबह जब परिजन उसके कमरे में पहुंचे तो शव फंदे से लटका मिला। बड़े भाई ने जब उसे नीचे उतारा तो उसकी पैंट पर लिखा आत्महत्या नोट नजर आया, जिसने चौकी में हुए उत्पीड़न की पुष्टि की। एसपी डॉ. संजय कुमार सिंह के निर्देश पर सिपाही यशवंत यादव, महेश उपाध्याय, कथित भाजपा नेता रजनेश राजपूत, ससुर बनवारीलाल और साले राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सुसाइड नोट को मृतक की हैंडराइटिंग से मिलान के लिए लैब भेजा गया है।
बयानों को जा रहा बदला
घटना ने तूल पकड़ा तो पुलिस पर मामले को हल्का करने के प्रयास के आरोप भी लगे। जहानगंज थानाध्यक्ष जितेंद्र पटेल ने कमालगंज के गांव रसीदपुर पहुंचकर कुछ ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधि से बयान दर्ज कराए, जिनमें चौकी में मारपीट न होने की बात कही गई है। बयानों में कहा गया हैं कि दिलीप और उसके पिता ही पत्नी को प्रताड़ित करते थे और थाने में सिर्फ आपसी समझौता हुआ था। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर सिपाहियों और ससुराल पक्ष को बचाने की कोशिश कर रही है।







