जहां स्वेता का इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर है और वह अभी बयान देने की हालत में नहीं है। उन्होंने बताया कि महिला ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। स्वेता की शादी के सात माह होने की वजह से पुलिस ने घटना की जानकारी क्षेत्रीय एसडीएम को दे दी। अगले दिन स्वेता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एसडीएम को दिए बयान में स्वेता के पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह सपरिवार खेड़ा कलां गांव में रहते हैं। वह खेतीबाड़ी करते हैं। उन्होंने बताया कि स्वेता की शादी इसी साल फरवरी माह में बांकनेर गांव निवासी नीरज से की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। वह उसके साथ मारपीट भी करने लगे। ससुराल वाले कार नहीं देने और देवर उससे कारोबार के लिए पांच लाख रुपये की मांग करने लगा। घटना से 15-20 दिन पहले ससुराल वालों कार लेकर आने की बात कहकर उसे घर से निकाल दिया था।
उसके बाद से वह मायके में रह रही थी। 27 अक्तूबर की दोपहर वह खेत पर गए थे। 4 बजे उनकी पत्नी का फोन आया। उन्होंने कहा कि स्वेता ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है। घर पहुंचने के बाद वह बेटी को लेकर अस्पताल आए। रास्ते में स्वेता ने बताया कि उसका पति का फोन आया था, जिसने उससे रिश्ता खत्म करने की बात कही। इससे परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। छानबीन के दौरान पुलिस ने नरेंद्र सिंह के घर से कीटनाशक दवा के पैकेट मिले। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।







