हरिद्वार। लूट और स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से नकदी, लूटा गया मोबाइल और चोरी की दो बाइकें बरामद की हैं। रानीपुर थाना पुलिस और क्राइम इंवेस्टिगेशन यूनिट ने लूटपाट और स्नैचिंग की घटनाओं में शामिल गिरोह के तीन आरोपियों को धर दबोचा है। आरोपी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 34,000 की नकदी, एक लूटा गया मोबाइल फोन और दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जारी है।
पिस्टल दिखाकर लूटा था बैग
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई तीन जुलाई को दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता वकार ने बताया था कि दो जुलाई की रात को सलेमपुर गेट के पास चार अज्ञात युवकों ने उसे पिस्टल दिखाकर धमकाया और उसका बैग व मोबाइल लूट लिया। बैग में ड़ेढ लाख थे।
चेकिंग के दौरान पकड़ा गया गिरोह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर सीआईयू और रानीपुर थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों को चिन्हित किया गया। 11 जुलाई की रात रेगुलेटर तिराहा बहादराबाद के पास चेकिंग के दौरान पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक पर तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक, अंकुश और राहुल (निवासी ग्राम हुसैनपुर बहादरपुर, थाना रामराज, मुजफ्फरनगर) के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने लूट और स्नैचिंग की कई घटनाओं को स्वीकार किया है।
पॉलिटेक्निक कर माइक्रो फाइनेंस कंपनी में करता था काम
मुख्य आरोपी दीपक ने बताया कि उसने पॉलिटेक्निक किया था और बाद में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। वहीं से उसके संपर्क में आए गौरव उर्फ कमांडो और गुड्डू उर्फ भानु प्रताप ने उसे लूटपाट के धंधे में शामिल कर लिया। गिरोह ने बहादराबाद, सिडकुल और रानीपुर क्षेत्रों में कई वारदातें की हैं। 30 जून को अहमदपुर ग्रांट में एक स्कूटी सवार दंपति से मोबाइल और झुमके छीने, जिन्हें बाद में मुजफ्फरनगर में पांच हजार में बेच दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक बाइक बहादराबाद और दूसरी देहरादून से चुराई थी। बहादराबाद थाने में पहले से चोरी का केस दर्ज है। इसके अलावा, लालतप्पड़ से पिछले वर्ष चोरी की गई बाइक के तार भी इसी गिरोह से जुड़ रहे हैं, जिसकी जांच की जा रही है।







