लखनऊ (विभूतिखंड)। शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। विभूतिखंड थाने में शेयर ट्रेडिंग कंपनी केएपी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट के निदेशक कुणाल मेहता सहित तीन लोगों के खिलाफ चार करोड़ 41 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पीड़ितों में रिटायर्ड आबकारी आयुक्त, सेवानिवृत्त सीएमओ और अन्य वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।
कैसे हुई ठगी?
गोमतीनगर स्थित एल्डिको ग्रीन के निवासी और रिटायर्ड अपर आबकारी आयुक्त राजेंद्र प्रकाश सक्सेना ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात कुणाल मेहता से हुई थी। बातचीत बढ़ने पर कुणाल ने उन्हें विभूतिखंड के एल्डिको कॉरपोरेट टॉवर स्थित अपने दफ्तर में बुलाकर कंपनी में निवेश का प्रस्ताव दिया।
कुणाल ने दावा किया कि निवेश पर 120 दिन में 20% रिटर्न मिलेगा। इस भरोसे में आकर राजेंद्र सक्सेना, उनकी पत्नी और बेटे ने साल 2024 में कुल 77.5 लाख रुपये का निवेश कर दिया, जो अब तक नहीं लौटाए गए।
अन्य पीड़ितों की कहानी:
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विक्रांत खंड निवासी रिटायर्ड अधिकारी अनूप श्रीवास्तव ने दिसंबर 2021 में 1.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।
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उनके दोस्त, रिटायर्ड सीएमओ अनूप कुमार, उनके परिवार और परिचित राजीव ने मिलकर 1.87 करोड़ रुपये निवेश किए।
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डालीगंज निवासी सुरेंद्र अग्रवाल ने अक्टूबर 2024 में 10 लाख रुपये,
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जानकीपुरम विस्तार निवासी मयंक शुक्ला ने 15.91 लाख,
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और अलीगंज के विष्णुपुरी निवासी हिमांशी ने अप्रैल 2024 में 12 लाख रुपये का निवेश किया।
सभी निवेशकों का आरोप है कि कंपनी ने मुनाफा तो दूर, असली रकम भी नहीं लौटाई।
पुलिस जांच जारी
विभूतिखंड थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अनुसार, पीड़ितों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। मामले में कंपनी के अन्य सहयोगियों और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है।







