फर्जी पहचान, शादी का झांसा और ब्लैकमेलिंग से करोड़ों की ठगी; वकील और करीबी दोस्त जांच के घेरे में
ऊधम सिंह नगर। रुद्रपुर की बहुचर्चित ‘लुटेरी दुल्हन’ हिना रावत को लेकर पुलिस की जांच अब उसके नेटवर्क तक पहुँच चुकी है। ब्लैकमेलिंग और वसूली के मामले में गिरफ्तार हिना के करीबी सहयोगियों की भूमिका भी अब सवालों के घेरे में है।
जांच में सामने आया है कि हिना के साथ उसका एक नजदीकी दोस्त और एक कथित अधिवक्ता भी सक्रिय था। पुलिस दोनों से जुड़ी जानकारियां खंगाल रही है। दरअसल, रुद्रपुर निवासी दीपक कक्कड़ की शिकायत पर यह मामला और गहराया।
दीपक ने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप के ज़रिए एक युवती से उसकी जान-पहचान हुई, जिसने खुद को हाईकोर्ट की वकील ‘अंकिता शर्मा’ बताया। बातचीत धीरे-धीरे नज़दीकियों में बदली और पांच लाख रुपये की ठगी हो गई। फिर 27 मई को गदरपुर में शादी का दिखावा कर वह दीपक के घर आकर रहने लगी। कुछ ही दिनों में उस पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपये की मांग की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि ‘अंकिता शर्मा’ असल में कोई अधिवक्ता नहीं, बल्कि काशीपुर निवासी हिना रावत है। उसके पास दो फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं जिन पर ‘अंकिता’ और ‘निकिता’ नाम दर्ज हैं। वह पहले से विवाहित है और ब्लैकमेलिंग का गिरोह चलाती है, जो झूठे आरोपों के दम पर लोगों से पैसे ऐंठता है।
शुक्रवार की रात हिना को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से ठगी के 50 हजार रुपये और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि कई पीड़ितों ने बदनामी से बचने के लिए चुपचाप समझौता कर लिया था और पैसे देकर पीछा छुड़ा लिया। हालांकि कुछ लोगों ने अब मौखिक रूप से अपनी शिकायतें सामने रखी हैं। पुलिस का कहना है कि हिना के दो प्रमुख सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। यह पहली बार है जब हिना को रुद्रपुर में दर्ज केस के बाद जेल भेजा गया है — इससे पहले वह हर बार अग्रिम जमानत ले लेती थी।







