कानपुर पुलिस ने सर्विलांस से पकड़ा मास्टरमाइंड, किशोर ने डर में आकर की थी मदद, एक कड़ा बेचने वाला सुनार भी गिरफ्तार
कानपुर। नवाबगंज क्षेत्र में एक पूर्व फैक्ट्री अधिकारी के घर से करीब 32 लाख रुपये के गहने चोरी होने का मामला सामने आया है। पहले ये एक आम चोरी जैसी घटना लग रही थी, लेकिन पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आई कि गहने खुद उनके गोद लिए बेटे ने चुराए थे — वो भी अपने एक दोस्त के दबाव में आकर।
75 वर्षीय रिटायर्ड अफसर जीतेंद्र पांडेय अपने परिवार के साथ आजाद नगर में रहते हैं। जब उनकी पत्नी श्यामा देवी ने अलमारी में रखे गहनों को गायब पाया, तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच में पता चला कि उनका 16 वर्षीय बेटा मानसिक रूप से कमजोर है और हाल ही में एक युवक श्याम कुमार से उसकी जान-पहचान हुई थी।
श्याम ने खुद को ड्राइवर बताया और किशोर को कार चलाना सिखाने लगा। एक किराए की कार को डैमेज करने के बाद उसने किशोर पर मरम्मत के नाम पर पैसे देने का दबाव बनाया। डर के चलते किशोर ने अलमारी से गहने निकालकर उसे दे दिए।
पुलिस ने श्याम को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से अधिकांश गहने बरामद हो चुके हैं। पूछताछ में उसने बताया कि एक कड़ा नवाबगंज मंडी के एक सर्राफ को बेच दिया था, जिसे भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
परिवार ने बेटे पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही है, लेकिन श्याम और सर्राफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।







