बेहड़ी थाना क्षेत्र के गांव पुरनियां निवासी रामश्री ने बताया कि उनकी बेटी आशा (उम्र 27) की शादी 18 नवंबर 2022 को हाफिजगंज के गांव सोरहा निवासी रामजी सरन से हुई थी। एक महीने पहले ही आशा ने बेटी को जन्म दिया था। रामश्री ने आरोप लगाया कि दामाद रामजी सरन के किसी महिला से अवैध संबंध हैं। आशा इसका विरोध करती थी। इसे लेकर आए दिन झगड़ा होता था। बेटी ने इसके बारे में उन्हें बताया था।
मृतका की मां ने बताया कि रामजी सरन ने शनिवार शाम को भी आशा से झगड़ा किया। इसके बाद रात में दामाद ने कॉल कर उनसे कहा कि वह उनकी बेटी को मायके छोड़ने आ रहे हैं। आशा ने विरोध किया तो उसे बेरहमी से पीटा। गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। रविवार सुबह उन्हें किसी ने फोन पर सूचना दी कि आपकी बेटी का शव स्ट्रेचर पर पड़ा है, तब वह अपने बेटे संजीव के साथ अस्पताल पहुंची।
अस्पताल में स्ट्रेचर पर आशा मृत अवस्था में मिली। पति रामजी सरन और ससुराल वाले वहां नहीं मिले। वे लोग फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार नवाबगंज आशीष कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों के बयान दर्ज कराए। वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।







