चंडीगढ़। हरियाणा में पराली जलाने के मामलों पर सख्ती के बावजूद घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस सीजन में प्रदेश भर में एक्टिव फायर लोकेशन (AFL) के 579 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 228 घटनाओं में पराली जलाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार को सोनीपत, रोहतक, कैथल और जींद जिलों में कई नई घटनाएँ सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
मंगलवार को जींद जिले में ही पराली जलाने के 17 नए मामले दर्ज किए गए। पहले से दर्ज मामलों में पुलिस ने तीन किसानों—हिसार के किन्नर गांव के सोनू, नरवाना के अमरगढ़ निवासी सुरेंद्र और सफीदों के मुआना गांव के प्रदीप कुमार—को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 10 अन्य किसानों के खिलाफ भी नए एफआईआर दर्ज किए गए हैं। इनमें गतौली के विजयंत, निडाना के महेंद्र, किलाजफरगढ़ के राजेश, पौली के श्रीभगवान, मालवी के धर्मवीर व सुरेंद्र, खरैटी के सुनील और देशखेड़ा के नसीब शामिल हैं।
कृषि कर्मचारी पर हमला
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ उपमंडल के गांव रोहद में पराली जलाने से रोकने पर एक गंभीर घटना हुई। पराली के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग के पर्यवेक्षक कंवलजीत शर्मा को किसानों ने डंडों और लात-घूसों से पीट दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान की जा रही है।







