विनय नेगी ने लोन की रकम ग्राहकों की बजाय खुद और साथी के खातों में ट्रांसफर की, आरोपी अमित भंडारी फरार
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान वसुंधरा, गाजियाबाद निवासी विनय नेगी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, विनय ने अपने साथी अमित भंडारी के साथ मिलकर लोन की राशि आवेदकों की बजाय अपने और साथी के खातों में ट्रांसफर कर दी थी। फिलहाल अमित फरार है और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं।
EOW के डीसीपी अमित वर्मा ने बताया कि निजी फाइनेंस कंपनी ने पिछले साल ही विनय नेगी के खिलाफ ठगी की शिकायत दी थी। शुरू में 3.23 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई थी, लेकिन जांच में यह रकम बढ़कर 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने लोन की राशि ग्राहकों के खातों में भेजने के बजाय अपने एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में ट्रांसफर कर दी। वहीं, कुछ रकम अमित भंडारी के एक अन्य बैंक खाते में भेजी गई।
8 मई को EOW की टीम ने गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित विनय के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसका साथी अमित भी वसुंधरा में ही रहता है, लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि विनय नेगी ग्रेजुएट है और उसे शेयर बाजार में निवेश का शौक है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी की गई रकम की बरामदगी का प्रयास कर रही है।







