वह घर में सफाई का काम और पति माली का काम करते हैं। उसके छह बच्चे हैं। दूसरे नंबर की बेटी को सेक्टर-57 में चौथी मंजिल पर जून माह से नौ हजार रुपये प्रतिमाह पर रखा था। पीड़िता ने बताया कि एक माह तक तो सब ठीक चलता रहा। उसके बाद से बेटी का फोन उठाना बंद हो गया। उनके परिवार वालों ने उसका वेतन भी देना बंद कर दिया। इस पर उसे संदेह हुआ। जिस घर में वह काम करती थी, उन्हें उसने पूरी बात बताई। इसके बाद उनकी और पुलिस की मदद से अपनी बेटी को मुक्त कराया। सेक्टर-51 थाना पुलिस ने मां के बयान पर अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेटी का मेडिकल कराया गया है।
उसकी मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को फर्श पर सुलाया जाता था। मुंह पर कपड़ा बांधकर उसकी पिटाई की जाती थी। इतना ही ही नहीं उसके शरीर पर तेजाब भी डाला गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। जिस घर में नाबालिग काम करती थी। उस घर में दो बड़े लड़के भी हैं। उन दोनों पर आरोप है कि नाबालिग के कपड़े उतरवाकर उसके साथ बैड टच करते थे। पीड़ित किशोरी की मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। किशोरी का मेडिकल कराया गया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।







