बागपत। बालैनी थाना पुलिस ने मेरठ समेत आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर और नलकूपों से चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। इस दौरान सरगना के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, सोमवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ बदमाश हरियाखेड़ा गांव के वन क्षेत्र में ट्रांसफार्मर और नलकूपों में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरेंद्र निवासी गणेशपुर, हाल निवासी पावली खास के पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया।
मौके से पुलिस ने सुरेंद्र के साथ आशुतोष उर्फ आशु निवासी दौलतपुर और सलमान उर्फ गंजा निवासी पावली खास, मेरठ को भी गिरफ्तार किया। घायल सुरेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बागपत के बड़ौत कोतवाली, बालैनी और बिनौली थाना क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर तथा नलकूपों से चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तमंचा, तीन कारतूस, एक खोखा, वारदात में इस्तेमाल रेहड़ा, बिना नंबर की दो बाइक, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, केबल, स्टार्टर और कटआउट समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में सलमान कबाड़ी का काम करता है। गिरोह चोरी किए गए सामान को कबाड़ियों के यहां सस्ते दाम पर बेच देता था। पुलिस अब गिरोह के पांच अन्य सदस्यों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र गिरोह का सरगना है और वह अपने सात साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2012 से गिरोह चला रहा था। वर्ष 2021 से गिरोह लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। सुरेंद्र के खिलाफ मेरठ रेंज और आसपास के अन्य जिलों में करीब 50 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं, आशुतोष और सलमान के खिलाफ बागपत में छह-छह मुकदमे दर्ज हैं।







