गोरखपुर। पिपरी गांव में दिवाली की रात हुई वारदात के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा होती रही। बताते हैं कि उमेश चौहान आरोपी युवकों की बहन से एकतरफा प्रेम करता था। करीब 10 साल पहले उमेश ने युवती और उसके भाई उपेंद्र पर तेजाब फेंक दिया था। उपचार के दौरान युवती की मौत हो गई थी। तभी उपेंद्र ने बहन की हत्या का बदला लेने की ठान ली। पिता शंभू के मुताबिक, उमेश ने पत्नी मंजू को बताया था कि दोस्त राजू का फोन आया है, वहीं जा रहा है। कुछ देर में लौट आएगा। जब उमेश काफी देर तक नहीं लौटा तो परिजनों ने फोन किया।
मोबाइल फोन की पहली बार घंटी बजी, लेकिन थोड़ी ही देर बाद बंद हो गया। परिजन गांव में खोजने निकले तो एक शख्स ने बताया कि उपेंद्र और सिकंदर से उसका विवाद हो रहा था। फिर रास्ते में खून मिला, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, गीडा क्षेत्र के पिपरी निवासी शंभू चौहान कोटेदार हैं। उनका बेटा उमेश चौहान (35) दिवाली की रात अचानक घर से गायब हो गया। परिजनों ने पूरी रात उसकी तलाश की, लेकिन पता नहीं चला। सुबह घर से थोड़ी दूरी पर खून का निशान देख परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पड़ोस के दो सगे भाइयों सिकंदर और उपेंद्र पर शक जताते हुए पुलिस को सूचना दी।







