बरनाला (पंजाब)- बरनाला में नगर सुधार ट्रस्ट की जमीन को खाली कराने की कार्रवाई के दौरान शनिवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में करीब 25 एकड़ क्षेत्र से अस्थायी बस्तियों को हटाया गया। इस दौरान जैसे ही झोपड़ियों को गिराया जाने लगा, वहां रह रहे लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जो बाद में हंगामे में बदल गया।
कार्रवाई के बीच कुछ लोगों द्वारा पुलिस बल पर पथराव किए जाने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। प्रशासन के अनुसार कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में करीब 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
झुग्गियों के टूटने के दौरान मौके पर भावुक दृश्य देखने को मिले। महिलाएं और बच्चे अपने आशियाने उजड़ते देख फूट-फूटकर रोते नजर आए। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से इसी इलाके में रह रहे थे और उनके पास पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज भी मौजूद हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि ठंड के मौसम में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेघर कर दिया गया।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध के कारण माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण बना रहा।
नगर सुधार ट्रस्ट और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि से अतिक्रमण हटाया गया है, वह ट्रस्ट की संपत्ति है और वहां अवैध कब्जा किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई नियमानुसार और पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है। वहीं, विस्थापित परिवारों ने सरकार से पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है, ताकि उन्हें दोबारा बसाया जा सके।







