प्रेमी को उम्रकैद
शाहजहांपुर। पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार करके अपने ही पति की हत्या अपने प्रेमी के साथ मिलकर करने वाली एनआरआई पत्नी को आज सजा सुना दी गई। सात सालों के बाद एनआरआई हत्याकांड में कोर्ट ने दोषी पत्नी को फांसी की सजा और उसके ब्वायफ्रेंड को उम्रकैद की सजा का ऐलान किया है। महिला पर 5 लाख का जुर्माना भी लगाया। वहीं, महिला के बॉयफ्रेंड को उम्रकैद की सजा के साथ 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। शाहजहांपुर के बंडा ब्लॉक के बसंतापुर गांव निवासी एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या 31 अगस्त 2016 को कर दी गई थी। उस समय वे छुट्टियां बिताने अपने गांव आए हुए थे। इसी दौरान पत्नी ने दोस्त के साथ मिलकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में मृतक एनआरआई के बेटे ने गवाही दी थी। उसके बाद आरोपियों के गुनाह का पर्दाफाश हो गया।
कोर्ट ने सात साल बाद सजा का ऐलान किया पुलिस पूछताछ में एनआरआई महिला ने बताया था कि इंग्लैंड-दुबई के मुकाबले भारत की कानून व्यवस्था कमजोर है। इसलिए हम दोनों ने उसे भारत लाकर मारा। एडीजे कोर्ट के फैसले पर मृतक के परिवारवालों ने कहा, भारत के कानून ने उनके बेटे को न्याय दिलाया है। हम लोग कोर्ट से फांसी की सजा मांग कर रहे थे।
पत्नी ने बताया कि मुझे अपने पति की दाढ़ी पसंद नहीं थी। मैं उसके साथ रहना भी नहीं चाहती थी। इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया। एनआरआई सुखजीत की हत्या 31 अगस्त 2016 की रात हुई थी। रमन कौर ने खाने में नशा मिला दिया। सुखजीत खाना खाकर सोया तो फिर कभी उठ नहीं पाया। बेहोश पड़े सुखजीत के सिर पर रमन और उसके ब्वायफ्रेंड मि_ू ने हथौड़ी से वार किया। इसके बाद चाकू से गला रेत दिया। हत्या के बाद मि_ू दिल्ली भाग गया। वह दुबई भागने वाला था। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे दबोच लिया था। सुखजीत हत्याकांड में इसके बाद रमन कौर का भी नाम आया। उसे भी गिरफ्तार किया गया।







