गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच और क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बाइक चोरी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। राजन गैंग नाम से कुख्यात इस गिरोह के पांच शातिर बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं, जो अब तक 250 से ज्यादा दुपहिया वाहन चोरी कर चुके हैं। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर 15 चोरी की बाइकें भी बरामद की हैं।
एसीपी क्राइम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि शुक्रवार रात एबीएस तिराहे पर पुलिस चेकिंग के दौरान इन अपराधियों को दबोचा गया। पकड़े गए बदमाशों में शामिल हैं –
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रोहन चौधरी उर्फ राजेश उर्फ राजन (31) – मुरादनगर निवासी, वर्तमान में दिल्ली के मंडावली में रह रहा था।
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इरफान (46) – उत्तराखंड के उधम सिंह नगर निवासी।
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अश्वनी मिश्रा (43) – मूलतः प्रयागराज, हाल में गौतमबुद्धनगर में रह रहा था।
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मेजर सिंह (45) – पानीपत, हरियाणा का निवासी।
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अश्विनी शर्मा (23) – नंदग्राम गाजियाबाद का निवासी।
ऑन डिमांड बाइक चोरी कर बेचते थे चेन स्नैचर्स को
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग के सदस्य चेन स्नैचिंग करने वालों की मांग पर हाई-स्पीड बाइक चोरी कर उन्हें सप्लाई करते थे। इसके अलावा बाकी चोरी की गई बाइकें दिल्ली के कबाड़ियों और निजी ग्राहकों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेची जाती थीं। गिरोह बाइक को 20-25 हजार रुपये में बेचकर पैसा आपस में बांटता था।
मायापुरी में चोरी की बाइक कटवाने का नेटवर्क
गिरोह का एक सदस्य मेजर सिंह, दिल्ली के मायापुरी इलाके में मनप्रीत उर्फ गोल्डी के साथ मिलकर चोरी की बाइकें कटवाता था। बाइक चोरी के लिए ये लोग एलएन चाबी का इस्तेमाल करते थे, जिससे सिर्फ 4-5 सेकंड में ताला तोड़कर बाइक स्टार्ट कर लेते थे।
बाइकें निर्माणाधीन सोसाइटी में छिपाते थे
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चोरी के बाद बाइकों को थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र की अंसल एक्वापोलिस सोसाइटी में छिपाया जाता था, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों पर दर्ज हैं कई संगीन मामले
गिरोह का सरगना रोहन चौधरी पहले भी दो हत्या के मामलों में जेल जा चुका है, जिनमें एक वारदात दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-7 और दूसरी गुड़गांव में हुई थी। रोहन के खिलाफ 20 मुकदमे, अश्विनी शर्मा पर 21 मुकदमे (एक हत्या का केस शामिल), इरफान व अश्वनी मिश्रा पर 18-18 मुकदमे, और मेजर सिंह पर 14 मुकदमे दर्ज हैं।







