अजमेर, राजस्थान। प्रॉपर्टी विवाद ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अजमेर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर उसका शव जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। मामला हरसौर (नागौर) के रहने वाले लेखराज रैगर (45) का है, जो पिछले 13 अक्टूबर से लापता था। पुलिस ने 15 अक्टूबर की रात केसरपुरा गांव के जंगलों से जेसीबी की मदद से शव बरामद किया।
लेखराज के बेटे पार्थ रैगर ने क्रिश्चियनगंज थाने में पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि लेखराज अपने दोस्त श्याम सिंह रावत के जन्मदिन समारोह में शामिल होने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन रातभर वापस नहीं लौटे। अगली सुबह उनकी बाइक जनाना अस्पताल रोड पर लावारिस हालत में मिली, जिससे परिवार को अनहोनी की आशंका हुई।
हत्या की साजिश दोस्तों ने ही रची
जांच के दौरान पुलिस को बड़ा सुराग तब मिला जब एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने मायापुर गांव के चार अन्य युवकों को भी पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या जमीन के सौदे को लेकर हुए विवाद के चलते की गई थी।
मुख्य आरोपी श्याम सिंह रावत लेखराज से एक जमीन बेचने का दबाव बना रहा था, लेकिन जब लेखराज ने सौदा करने से इनकार किया, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बना डाली।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के आरोप में श्याम सिंह रावत (31), बीरम सिंह रावत (29), छगन सिंह रावत (33), नरेश रावत (19) और विमल सिंह रावत (21) को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी निशानदेही पर केसरपुरा डूंगरी के जंगल में देर रात तक खुदाई कर शव निकाला गया।
घटनास्थल से एफएसएल टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने अहम सबूत जुटाए हैं। क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस और सीओ नॉर्थ रूद्र प्रकाश ने मौके पर मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी की।
इलाके में दहशत का माहौल
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। शव की बरामदगी के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस अब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सीओ रूद्र प्रकाश ने बताया कि हत्या के पीछे प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ा विवाद ही मुख्य कारण है। आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा गुरुवार को किया जाएगा।







