स्कूल में बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर शिक्षिका ने छात्रा की मां को फोन कर स्कूल बुलाया। छात्रा की मां अपनी बेटी को लेकर पैदल अपने घर की ओर जा रही थी। जब दोनों मां-बेटी एक पार्क के पास पहुंची तो बच्ची सड़क पर बैठ गई। यहां पर ही उसका प्रसव हो गया। इसके बाद प्रसूता व उसकी बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। नाबालिग प्रसूता को हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि करीब 8 महीने की बच्ची हुई है। अभी नाबालिग मां और बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि हमारे घर के पास सड़क पर पार्क के सामने एक महिला तथा उसकी बेटी बैठी थी।
मुझे कुछ अंदेशा हुआ तो मैंने देखा कि बच्ची गंभीर अवस्था में थी। मैंने अपनी चुन्नी दी। इसके बाद मैंने अपने पति को मौके पर बुलाया। कुछ अन्य लोग भी मौके पर जुटे। इसके बाद हमने पुलिस को फोन किया। 112 नंबर पर कॉल करने पर एंबुलेंस मौके पर आई। जिसके बाद बच्ची को अस्पताल में भिजवाया। पीड़िता छात्रा की मां ने बताया कि उसकी बेटी सातवीं कक्षा की छात्रा है। पीड़िता की मां ने बताया कि उसे बच्ची के गर्भवती होने की जानकारी नहीं हुई। उसकी बेटी ने भी कभी इस बारे में कुछ नहीं बताया। अब पूछने पर बेटी ने बताया कि पास की कॉलोनी के एक युवक ने उसके साथ जबरदस्ती की थी। डर के कारण उसने कभी यह बात नहीं बताई।







