नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लाल किले के पास आयोजित जैन धार्मिक समारोह के दौरान हुई सोने की चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक मुख्य आरोपी, एक जौहरी और एक बिचौलिया शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान:
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भूषण वर्मा (हापुड़ निवासी)
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गौरव कुमार वर्मा (गाजियाबाद निवासी)
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अंकित पाटिल के रूप में हुई है।
एक करोड़ रुपये की चोरी, बरामद हुआ सोना और नकदी
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर को लाल किले के पास लगे जैन पर्व पंडाल से सोने की झाड़ी, सोने का गुड़ और बरियाल चोरी हो गए थे। चोरी गए सामान की कुल अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये बताई जा रही है।
छानबीन के दौरान पुलिस ने आरोपी भूषण वर्मा को हापुड़ स्थित घर से दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर 725 ग्राम सोने की झाड़ी, पिघला हुआ सोना और नकद राशि बरामद की गई।
पुजारी बनकर करता था रेकी, यूट्यूब से जुटाता था जानकारी
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी भूषण वर्मा खुद को पुजारी बताकर धार्मिक आयोजनों में शामिल होता था। वहां वह 2-3 दिन तक निगरानी करता और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों का अध्ययन करता था।
चोरी की योजना बनाने के लिए वह यूट्यूब और सोशल मीडिया पर धार्मिक आयोजनों की जानकारी जुटाता था। स्थल की रेकी के दौरान वह सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा स्टाफ की गतिविधियों का भी अवलोकन करता था।
चोरी का माल बेचा, खरीददार और बिचौलिया भी गिरफ्तार
भूषण द्वारा चुराया गया सोना गौरव कुमार वर्मा ने खरीदा था, जबकि अंकित पाटिल ने चोरी का माल बेचने में मदद की थी।
पुलिस ने बताया कि भूषण वर्मा पर 2016 में भी चोरी का केस दर्ज है। उस समय वह बीएलके अस्पताल में चोरी करते पकड़ा गया था।
जांच जारी, हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
अपराध शाखा के डीसीपी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अभी आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गैंग ने और कितने धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाया है।







