दिल्ली- दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने थाईलैंड से वापस भेजे गए कुख्यात अपराधी हरसिमरन उर्फ बादल को आईजीआई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जनवरी 2025 में फर्जी पहचान बनाकर देश से भाग गया था और तब से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।
23 गंभीर मामलों में वांछित था आरोपी
पुलिस के अनुसार, हरसिमरन पर जबरन वसूली, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 23 मामले दर्ज हैं। जमानत मिलने के बाद वह 14 मामलों में अदालत में पेश ही नहीं हुआ। स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि आरोपी इंटरनेशनल अपराधियों के साथ मिलकर विदेश से गैंग संचालित करने की योजना बना रहा था।
फर्जी पासपोर्ट बनवाकर लखनऊ से बैंकॉक भागा
जांच में सामने आया कि उसने गोरखपुर निवासी राजेश सिंह के नाम पर नकली दस्तावेज़ों से पासपोर्ट बनवाया और लखनऊ से बैंकॉक भाग गया। बैंकॉक पहुंचकर उसने अपने एक केस के गवाह को धमकी दी और 50 लाख रुपये की “प्रोटेक्शन मनी” मांगी। इसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया।
बैंकॉक में हिरासत, 26 नवंबर को भारत भेजा गया
थाई पुलिस ने भारतीय एजेंसियों के इनपुट पर उसे हिरासत में लिया और 26 नवंबर 2025 को भारत वापस भेज दिया। दिल्ली पहुंचते ही स्पेशल सेल की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कुश्ती से अपराध की दुनिया तक सफर
हरसिमरन मूल रूप से शालीमार बाग का रहने वाला है। बचपन में कुश्ती सीखने के लिए वह कोल्हापुर गया था, जहां उसकी पहचान कई अपराधियों से हुई। धीरे-धीरे वह मनोज और विजय उर्फ नॉटी जैसे बदमाशों के गिरोह से जुड़ गया और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में अवैध वसूली, धमकियों और फायरिंग की घटनाओं में शामिल होने लगा।
गोल्डी ढिल्लों से जुड़कर विदेश भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, यूरोप में बैठे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने उसे अंतरराष्ट्रीय गैंग ऑपरेशन का हिस्सा बनाने का लालच दिया। इसी के निर्देश पर वह बैंकॉक से दुबई गया, फिर अजरबैजान होते हुए अमेरिका जाने की कोशिश की, लेकिन दस्तावेज़ों में कमी पकड़ ली गई और उसे वापस भेज दिया गया। बाद में वह यूरोप में अवैध प्रवेश की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट पर बैंकॉक में पकड़ा गया।







