Cyber Fraud: दिल्ली में साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग दंपती से करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। इस हाई-प्रोफाइल साइबर फ्रॉड में 77 वर्षीय भारतीय मूल की महिला से करीब 14 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पीड़िता ने मामले की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि यह ठगी 24 दिसंबर से 9 जनवरी के बीच लगातार फोन कॉल के जरिए की गई।
शिकायत के अनुसार, कॉल करने वालों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा बताते हुए महिला को मानसिक दबाव में रखा। आरोपियों ने कई बैंक खातों की जानकारी देकर आरटीजीएस के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने को कहा। डर और भ्रम की स्थिति में आकर पीड़िता ने बताए गए खातों में कुल 14 करोड़ रुपये जमा करा दिए।
घटना का शक होने पर पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया और बाद में अपने वकील के साथ विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा। मामले में दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता डॉ. इंद्र तनेजा ने बताया कि कॉल करने वालों का व्यवहार बेहद पेशेवर और भरोसेमंद था। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने मदद का झांसा देकर ऐसा माहौल बनाया कि किसी को शक होने की गुंजाइश ही नहीं रही। वहीं उनके पति डॉ. ओम तनेजा ने बताया कि साइबर ठगों के पास उनके परिवार और निजी जानकारी तक मौजूद थी, जिससे वे डर के कारण उनकी बातों में आ गए।
इसी बीच, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया है। आईएफएसओ की कार्रवाई में एक ताइवानी नागरिक और एक महिला समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के जरिए ठगी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह सिम बॉक्स तकनीक का इस्तेमाल कर विदेशों से आने वाली इंटरनेट कॉल को भारतीय मोबाइल नेटवर्क में बदलता था। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क को 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जोड़ा गया है। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था। आरोपियों के पास से सिम बॉक्स, मोबाइल फोन, लैपटॉप, राउटर, पासपोर्ट और बड़ी संख्या में विदेशी व भारतीय सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।







