महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में कम ब्याज पर बड़ा लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। गांव कैमला निवासी एक व्यक्ति से अज्ञात ठग ने फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर 45 लाख रुपये का लोन मंजूर कराने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग बहानों से 22.53 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित ने लोन या जमा रकम वापस मांगी तो आरोपी ने धमकियां देना शुरू कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फोन कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल
पुलिस को दी शिकायत में मनोज कुमार ने बताया कि 10 जुलाई को उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताते हुए कम ब्याज दर पर 40 से 45 लाख रुपये का बिजनेस लोन उपलब्ध कराने की बात कही। लोन प्रक्रिया शुरू करने के लिए उसने आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी मंगवाई, जिसे शिकायतकर्ता ने भेज दिया।
सिबिल स्कोर का बहाना बनाकर ऐंठे लाखों रुपये
दस्तावेज मिलने के बाद आरोपी ने मनोज कुमार को बताया कि उनका सिबिल स्कोर ठीक नहीं है और लोन स्वीकृत कराने के लिए प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी, टैक्स और अन्य शुल्क जमा कराने होंगे। आरोपी ने अलग-अलग तारीखों में विभिन्न बैंक खातों और फोनपे के जरिए कुल 22 लाख 53 हजार 900 रुपये जमा करवा लिए।
पैसे मांगने पर मिली धमकियां
जब काफी समय बीतने के बाद भी लोन की राशि नहीं मिली तो मनोज कुमार ने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उन्हें धमकियां देना शुरू कर दिया और संपर्क से बचने लगा। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।
आर्थिक अपराध शाखा कर रही जांच
मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, नारनौल की उपनिरीक्षक सारिका की निगरानी में की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बैंक लेन-देन के दस्तावेज, ऑनलाइन भुगतान का रिकॉर्ड और आरोपी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी। साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली निवासी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।







