नई दिल्ली- दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह दंपती बांग्लादेश से लोगों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराने और उन्हें यहां ठहराने का काम कर रहा था। आरोपियों की पहचान विकास उर्फ दिप्तो कुमार पाल (28) और उसकी पत्नी रूमा बेगम (27) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों लंबे समय से इस नेटवर्क में सक्रिय थे और मोटी रकम लेकर बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार कराने में मदद करते थे। तलाशी के दौरान उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें ईमो एप्लीकेशन इंस्टॉल मिली। इसके अलावा छह बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक कुछ महीने पहले देहरादून पुलिस ने भी इस दंपती को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में पकड़ा था और उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया था। इसके बावजूद दोनों फिर से अवैध तरीके से भारत में दाखिल हो गए।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि जिले की फॉरेनर सेल अवैध रूप से दिल्ली में रह रहे विदेशी नागरिकों की लगातार निगरानी कर रही है। इसी अभियान के तहत कुछ दिन पहले पुलिस ने तीन बांग्लादेशी महिलाओं को हिरासत में लिया था। पूछताछ में इन महिलाओं ने विकास का नाम लिया और बताया कि उसी ने उन्हें सीमा पार कराने के साथ दिल्ली में ठहरने की व्यवस्था कराई थी।
इस सूचना के बाद पुलिस टीम ने विकास और उसकी पत्नी की तलाश शुरू कर दी और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नजर रखी जाने लगी। इसी दौरान सूचना मिली कि दोनों जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास आने वाले हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के समय दोनों ने खुद को भारतीय नागरिक बताने की कोशिश की, लेकिन जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई तो वे फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दंपती को एफआरआरओ के सामने पेश कर दिया है और अब उन्हें दोबारा बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कराया है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।







