नई दिल्ली। दिल्ली धमाका प्रकरण की जांच में लगातार नए खुलासों के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फरीदाबाद स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को मंगलवार को धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया। तड़के लगभग 5:15 बजे दिल्ली-एनसीआर में अल फलाह समूह से जुड़े करीब 25 स्थानों पर ईडी ने एक साथ छापेमारी की, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, छापों के दौरान जांच एजेंसी ने करीब 48 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं।
ईडी ने बताया कि जवाद सिद्दीकी पर पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत कार्रवाई की गई है। जांच टीमों ने विश्वविद्यालय के ओखला स्थित कार्यालय समेत समूह से जुड़े कई ठिकानों की विस्तृत पड़ताल की। विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों, संदिग्ध कंपनियों के संचालन और कथित हवाला-जैसी लेन-देन की जांच पहले से जारी है।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डॉ. उमर, जिसे दिल्ली धमाके में शामिल माना गया है, अल फलाह विश्वविद्यालय के अस्पताल से संबद्ध था। इसके अलावा, सफेदपोश आतंकी नेटवर्क से पकड़े गए कुछ अन्य संदिग्धों के तार भी इसी संस्थान से जुड़े मिले हैं। ईडी की यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू किए गए वित्तीय जांच चक्र का हिस्सा है।
उधर, दिल्ली पुलिस भी विश्वविद्यालय के संचालन और वित्तीय गतिविधियों की समानांतर जांच कर रही है, जिसमें कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
ईडी के अनुसार, समूह से जुड़ी एक ही पते पर रजिस्टर्ड 9 संदिग्ध कंपनियां राडार पर आई हैं। इनमें से कई कंपनियों के ईपीएफओ व ईएसआईसी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं हैं। ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ जिम्मेदार लोग भी जांच में सम्मिलित किए गए हैं।
इसी बीच, दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने धमाका मामले में गिरफ्तार आरोपी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी का कहना है कि साजिश की परतें खोलने और नेटवर्क की पहचान के लिए उसकी रिमांड आवश्यक है।







