चंडीगढ़/लुधियाना। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कार्रवाई के तहत पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता सामने आई है। लुधियाना की विशेष एनडीपीएस अदालत ने अंतरराज्यीय चरस तस्करी मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब एनसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में बड़ी मात्रा में चरस की खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और जम्मू-कश्मीर के कठुआ निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 2.840 किलोग्राम चरस बरामद की गई।
जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर टीम ने शहर के एक होटल में छापेमारी कर उसके एक अन्य साथी को भी गिरफ्तार किया, जिसके पास से 1.175 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इस तरह एक ही कार्रवाई में चार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त कर तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी चोट पहुंचाई गई।
एनसीबी ने मामले में अगस्त 2018 में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मृत्यु हो जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई, जबकि मुख्य आरोपी के खिलाफ मुकदमा जारी रहा। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।
एनसीबी अधिकारियों ने इसे नशे के खिलाफ अभियान में अहम उपलब्धि बताते हुए कहा कि ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयास तेज किए जाएंगे।







