गुजरात की दुर्गम पहाड़ियों में पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा, लूट और हत्या के मामले में थी तलाश
राजस्थान। डेढ़ महीने से पुलिस को चकमा दे रहे एक शातिर अपराधी को आबूरोड रीको थाना पुलिस ने आखिरकार गुजरात की दुर्गम पहाड़ियों से गिरफ्तार कर लिया। यह आरोपी एक लूट और हत्या की सनसनीखेज वारदात में मुख्य भूमिका निभाने के बाद फरार चल रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 12 अप्रैल की शाम सुरपगला निवासी अब्दुल कयूम अपनी ड्यूटी से लौट रहा था, तभी मालियावास-सियावा मार्ग पर चार अज्ञात हमलावरों ने उसे घेर लिया। उन्होंने कयूम के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसका मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया। हमले में गंभीर रूप से घायल कयूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभ में यह मामला लूट के तौर पर दर्ज किया गया था, मगर बाद में इसमें हत्या की धाराएं भी जोड़ी गईं।
इस गंभीर प्रकरण की जांच के लिए जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के निर्देश पर एक विशेष अभियान शुरू किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभूदयाल धानिया और माउंट आबू वृत्ताधिकारी गोमाराम के मार्गदर्शन में एक समर्पित टीम का गठन किया गया। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन मुख्य आरोपी रमेशभाई गरासिया पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कई बार अपना ठिकाना बदला और भिन्न-भिन्न वेश में छिपता रहा।
लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता से पुलिस को आखिरकार रमेशभाई की लोकेशन का पता चला और उसे गुजरात के बनासकांठा जिले की पहाड़ियों से घेराबंदी कर दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।







