परिवार ने बताया—नहीं था कोई तनाव या विवाद, सुसाइड नोट भी नहीं मिला
पंतनगर। चकफेरी कॉलोनी में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब 18 वर्षीय युवती दुर्गावती यादव ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार के लोगों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, दुर्गावती के पिता हरिकेश यादव पंतनगर विश्वविद्यालय में ठेके पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। बुधवार सुबह जब वे ड्यूटी से लौटे, तो उनकी बेटी घर पर मौजूद थी। कुछ देर बाद वह घर के गोठ (पशुओं का कमरा) में चली गई और काफी देर तक बाहर नहीं आई। जब परिजनों ने जाकर देखा, तो दुर्गावती साड़ी के सहारे फंदे से झूलती मिली।
परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर विश्वविद्यालय अस्पताल ले गए, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना से पूरे परिवार और आसपास के इलाके में शोक की लहर है। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को दुर्गावती ने छठ पूजा पूरे उत्साह से मनाई थी और किसी तरह की मानसिक परेशानी का अंदेशा नहीं था। घर से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत ने बताया कि पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।







