इस बीच युवक के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने दहेज के बिना शादी करने से इंकार कर दिया और युवक पर दबाव डाला कि वह उसे छोड़ आए। परिजनों के दबाव में आकर युवक ने पीड़िता को दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर छोड़कर वहां से भाग निकला। इसके बाद पीड़िता अकेले ही ट्रेन से वापस रफीगंज आई। अपने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजनों ने युवक के परिवार वालों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने बिना दहेज के शादी करने से मना कर दिया। गाली-गलौज की और धमकी भी दी।
बात नही बनने पर युवती को लेकर पिता रफीगंज थाना आया और पुलिस ने युवती के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी में युवक संटू कुमार, उसके पिता मुन्ना पासवान, मां विमली देवी और भाई मंटू पासवान को नामजद आरोपी बनाया गया। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस एक्शन में आई और युवक तथा उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रशिक्षु डीएसपी सह रफीगंज थानाध्यक्ष चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर कांड संख्या-267/24 दर्ज किया गया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी संटू पासवान और उसके मुन्ना पिता पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से समाज में एक संदेश गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।







