मिर्जापुर। नौकरी दिलाने के नाम पर प्रयागराज के एक युवक से रुपये ले लिए, फिर नौकरी न दिला पाने पर रुपये वापस करने के लिए हलिया के ड्रमंडगंज बुलाया। वहां रुपये न लौटाकर युवक की हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया। घटना के 12 साल बाद इस मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश बलजोर सिंह ने तीन आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 45 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के तंदरिया गांव निवासी प्रेमचंद ने 23 फरवरी को हलिया थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका पुत्र अनिल कुमार निषाद 18 फरवरी 2012 को पुराने रिश्तेदार कमलेश निषाद के यहां ग्राम सिरसा थाना मेजा में रुका था।
वहां से रिश्तेदारों को यह बताकर कि डेविड जोशब निवासी ग्राम नई बाजार देवरी थाना राबर्ट्सगंज जिला सोनभद्र ने उसे मिर्जापुर बुलाया है, वह वहीं जा रहा है। वहां से मिर्जापुर जाने के बाद 19 फरवरी को रात 11 बजे तक पुत्र से बात हुई। इसके बाद पुत्र अनिल का कहीं पता नहीं चल रहा है। 20 फरवरी 2012 को नदौली गांव निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि अनिल कुमार की डायरी, निर्वाचन कार्ड, एक पैंट, एक शर्ट, एक इनर, एक मफलर, एक जैकेट और कुछ फोटो उसके गांव के तालाब के किनारे पड़े हैं। सूचना पर तालाब में पुत्र की तलाश की गई, परंतु पता नहीं चल सका।







