माना जा रहा है कि इन दो डॉक्टरों को 3 लाख रुपये की रिश्वत दिलवाई गई थी. बदले गए सैंपल में शराब की कोई मात्रा नहीं पाई गई थी, जबकि असली सैंपल में शराब होने का शक है. पुलिस ने सोमवार को आरोपियों के पास से लगभग 3 लाख रुपये कैश बरामद किया. इन डॉक्टरों के नाम डॉ. अजय तावरे और डॉ. श्रीहरी हलाणे हैं. डॉ. तावरे ससून अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख हैं और डॉ. हलाणे मुख्य मेडिकल ऑफिसर हैं. इन पर आरोप है कि उन्होंने नाबालिग ड्राइवर के खून के सैंपल के साथ छेड़छाड़ की. दोनों डॉक्टरों को 30 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस का कहना है कि नाबालिग के पिता, जो एक बिल्डर हैं, उन्होंने डॉक्टरों में से एक को फोन करके ब्लड सैंपल बदलने के लिए कहा था. पुलिस अब ये पता लगाना चाहती है कि सैंपल बदलने के और कौन से निर्देश दिए गए थे. पुणे पुलिस ने मूल मामले में लगे आरोपों के साथ आईपीसी की धारा 201, 120-बी, 467, 213 और 214 जोड़ दी हैं.







