उत्तर प्रदेश। कश्मीर के राजोरी से लौटकर अपने घर पहुंचे नवोदय विद्यालय, बरुआसागर के छात्रों ने आपबीती सुनाई तो रौंगटे खड़े हो गए। बच्चों ने बताया कि राजोरी के स्थानीय छात्र उनके साथ दुश्मनों जैसा सुलूक करते थे। जबरिया देश विरोधी नारे लगवाते थे। यहां तक कि अपनी झूठी थाली तक साफ कराते थे। कलावा बांधने पर उन्होंने यहां के एक छात्र का हाथ तक तोड़ दिया था।
बरुआसागर नवोदय विद्यालय के कक्षा नौ के 20 छात्रों को माइग्रेशन पर कश्मीर के राजोरी जिले में स्थित नवोदय विद्यालय में भेजा गया था। जबकि, वहां के 18 छात्र यहां आए थे। झांसी से गए सभी छात्र एक अगस्त को वहां पहुंचे गए थे। वहां जाकर झांसी के छात्र बेहद खुश थे। सभी को पहली बार कश्मीर देखने का मौका मिला था। लेकिन, उनकी यह खुशी कुछ दिन बाद ही काफूर हो गई। झांसी के छात्र राजोरी के स्थानीय छात्रों के निशाने पर आ गए। शुरूआत में राजोरी के छात्र बात-बात पर यहां के छात्रों को भला बुरा कहने लगे।
इसके बाद बात और आगे बढ़ने लगी थी। राजोरी से लौटकर आए छात्र गुरसराय के ग्राम नुनार खैरो निवासी दीपक कुमार ने बताया कि वहां के छात्र यहां से गए छात्रों को घेरकर उनसे जबरिया देश विरोधी नारे लगवाते थे। न लगाने पर मारपीट की जाती थी। इतना ही नहीं, यहां के छात्रों से वे अपने झूठे बर्तन तक साफ कराते थे। शिक्षकों से शिकायत करने के बाद भी वे नहीं मानते थे।
घर वालों को इसकी जानकारी इसलिए नहीं देते थे कि ताकि वे परेशान न हों। जबकि, दूसरे छात्र रानीपुर निवासी विपुल कुमार ने बताया कि हम लोग अपने कमरे में यदि भगवान की फोटो लगा लेते थे, तो वे फाड़ दी जाती थीं। विपुल ने बताया कि उनके साथ गए छात्र ऋतिक का हाथ केवल इस बात पर तोड़ दिया था कि वह कलावा बांधे था।







