मंडी। ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर आइआइटी मंडी के फैकल्टी सदस्यों समेत स्थानीय लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपित की पहचान महाराष्ट्र निवासी अनिल गौरव धोते के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि निवेशकों से रकम लेने के बाद वह नेपाल चला गया। शिकायत मिलने पर पद्धर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि आरोपित खुद को ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करता था। वह हर महीने पांच से 10 प्रतिशत तक ब्याज और भारी मुनाफा देने का दावा करता था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न देकर उसने उनका भरोसा हासिल किया। इसके बाद कई लोगों ने उसके पास बड़ी रकम निवेश कर दी।
मामले का पता जनवरी में उस समय चला, जब पद्धर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस से 35 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की शिकायत की। जांच आगे बढ़ने पर अन्य लोगों के भी इस मामले में फंसने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया जा रहा है।
आरोपित को आइआइटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के साथ कई आधिकारिक और गैर-आधिकारिक कार्यक्रमों में देखे जाने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से कुछ निवेशकों का आरोपित पर भरोसा बढ़ा था। मामले के सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो प्रसारित हो रहे हैं और जांच की मांग की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति ने कारोबार के लिए बैंक से 50 लाख रुपये का ऋण लिया था, लेकिन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे के लालच में उसने भी रकम निवेश कर दी। अब उसे बैंक का ब्याज चुकाना पड़ रहा है।
फिलहाल पद्धर पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है। वहीं, आइआइटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के राज्य से बाहर होने और उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने की बात कही गई है। आइआइटी के जिन फैकल्टी सदस्यों के साथ ठगी होने की बात सामने आई है, उनकी ओर से अभी पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।







