हरियाणा। चार साल की मासूम बच्ची की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने दोषी तरूणाबाई को हत्या का दोषी करार देते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के पैरों में पहनी चांदी की कड़ियां लूटने के इरादे से उसकी हत्या कर दी थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह मामला 8 मई 2022 का है। भवानीमंडी थाना क्षेत्र निवासी लक्ष्मीनारायण मेहर ने अपनी चार वर्षीय बेटी चंचल के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार में अगले दिन शादी समारोह था और अधिकांश सदस्य खरीदारी के लिए बाहर गए हुए थे। इसी दौरान घर के बाहर खेल रही बच्ची अचानक गायब हो गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पड़ोस में रहने वाली तरूणाबाई को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची की हत्या करने के बाद उसके पैरों में पहनी चांदी की दो कड़ियां निकाल ली थीं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दोनों कड़ियां भी बरामद कर लीं और साक्ष्य जुटाने के बाद अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 24 गवाहों के बयान और 48 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में इसे गंभीर और जघन्य अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।







