मऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की एक विशेष पोक्सो (POCSO) अदालत ने मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) छांगुर राम की अदालत ने 4 साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी सद्दाम चूड़ीवाला को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 23 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह सनसनीखेज मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 20 सितंबर 2019 को शहर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक 4 वर्षीय अबोध बच्ची को अंधा मोड़ (भीटी) निवासी सद्दामू चूड़ीवाला बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले की गहनता से विवेचना करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने दमदार पैरवी की। सरकारी वकीलों ने कोर्ट के सामने कुल 8 गवाहों को पेश कर आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत रखे। हालांकि, बचाव पक्ष ने दो गवाह पेश कर आरोपी को झूठा फंसाए जाने की दलील दी, जिसे अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दिया।
विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद सद्दाम चूड़ीवाला को पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि यदि दोषी 23 हजार रुपये का अर्थदंड नहीं चुकाता है, तो उसे 2 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, जुर्माना राशि जमा होने पर उसकी 75 प्रतिशत धनराशि पीड़ित मासूम बच्ची को बतौर मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया गया है।







