घटना शनिवार देर रात की है, जब बैरागीवाला गांव में खेतों की सिंचाई के लिए पानी लेने को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। आरोप है कि पड़ोसी पक्ष के लोग हाथों में हथौड़े, लाठी-डंडे और बेलचे लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला सोशल मीडिया सहसंयोजक व निजी स्कूल के शिक्षक विनोद कश्यप के घर में घुस गए। हमलावरों ने पूरे परिवार पर बेरहमी से हमला कर दिया। इस हमले में विनोद कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई अशोक, राजेश और भाभी सुषमा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विनोड कश्यप की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में भारी तनाव फैल गया और आक्रोशित भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया। गुस्साए लोगों ने हत्यारोपियों के घरों में तोड़फोड़ की और आगजनी का प्रयास किया। जब स्थिति संभालने के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पुलिस ने इस हिंसा को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और सरकारी काम में बाधा डालने, तोड़फोड़ व पथराव करने के आरोप में 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एसएसपी और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी से मामले के मुख्य आरोपियों को जल्द ही दबोच लिया गया। पुलिस ने बैरागीवाला गांव निवासी मुख्य आरोपी मासूम के दो बेटों रज्जाक व जावेद सहित दो अन्य आरोपियों सलमान और शहबाज को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पांचवें आरोपी इम्तियाज पुत्र शमसुद्दीन (निवासी लखनवाला, सहसपुर) को भी दबोच लिया गया। पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त कर रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।







