आरोपी के खातों में 42 लाख के ट्रांजैक्शन का खुलासा
देहरादून। देहरादून में बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों को दोबारा चालू कराने और भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 26 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ उत्तराखंड ने खुलासा किया है। मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने एक आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खातों में साइबर ठगी के जरिए लाखों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पटेलनगर निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसकी पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस की तीन पॉलिसियां बंद पड़ी थीं। अक्टूबर 2025 में उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पॉलिसियों को दोबारा चालू कराने और अच्छा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। झांसे में आकर पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कर दी। बाद में कंपनी के कस्टमर केयर से जानकारी लेने पर पता चला कि उसके साथ 25.90 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डिटेल्स का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि आरोपी बंद पड़ी बीमा पॉलिसियों का डेटा हासिल कर लोगों को दोबारा पॉलिसी शुरू कराने और मुनाफा देने का झांसा देकर ठगी करते थे।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नोएडा निवासी 21 वर्षीय सूरज चौहान को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते उपलब्ध कराता था और कमीशन के बदले खातों को किराये पर देता था। जांच में सामने आया कि आरोपी के दो बैंक खातों में करीब 20 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि कुछ ही महीनों में खातों में 42 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ।
एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।
इस मामले में एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी लालच या फर्जी निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं। पुलिस ने कहा कि अपने बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।







