ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। जालसाजों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर बुजुर्ग को “डिजिटल गिरफ्तारी” का डर दिखाया और करीब 1.29 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
पीड़ित 72 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जो पहले बैंक में मैनेजर रह चुके हैं। 6 फरवरी को उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके नाम पर जारी एक सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हो रहा है।
कुछ समय बाद ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें जोड़ा और एक नकली कोर्ट जैसी स्थिति दिखाकर कहा कि उन्हें डिजिटल रूप से हिरासत में लिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालसाजों ने जांच के नाम पर पीड़ित को मानसिक दबाव में रखा और निर्देश दिया कि वे घर से बाहर न जाएं और लगातार कॉल पर बने रहें। करीब दो दिनों तक उन्हें इसी तरह डराकर रखा गया और बैंक खातों के सत्यापन के बहाने उनसे कई किश्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
फरवरी महीने में अलग-अलग तारीखों पर लाखों रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिससे कुल रकम 1.29 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। बाद में ठगों ने सुप्रीम कोर्ट और पुलिस के नाम से फर्जी दस्तावेज भेजकर भरोसा दिलाया कि पैसा वापस कर दिया जाएगा।
जब लंबे समय तक रकम वापस नहीं मिली, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।







