बठिंडा (पंजाब)- थाना सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो संपन्न व्यक्तियों को फोन कर झांसे में लेकर ब्लैकमेल करता था। इस मामले में पुलिस ने तीन महिलाओं और दो पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी रविंदर सिंह ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
मदद के बहाने बुलाया घर
पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को परिचित बताते हुए सहायता की बात कही। महिला ने उसे दंगा पीड़ित कॉलोनी स्थित अपने घर बुलाया। जब वह वहां पहुंचा और बातचीत कर रहा था, तभी एक अन्य महिला और एक पुरुष वहां आ गए।
वीडियो वायरल करने की धमकी
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उसके साथ अभद्रता शुरू कर दी और धमकाते हुए कहा कि उसके महिला के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। इस मामले को दबाने के लिए उससे दो लाख रुपये की मांग की गई। जब उसने इतनी रकम तत्काल न होने की बात कही, तो उसका मोबाइल फोन और स्कूटी छीन ली गई।
एटीएम ले जाकर पैसे निकलवाने की कोशिश
शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने उसे एक युवक के साथ एटीएम से पैसे निकालने भेजा। मौके का फायदा उठाकर पीड़ित वहां से निकलने में सफल रहा और सीधे पुलिस के पास पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस ने छापेमारी कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों और संभावित अन्य पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के बुलावे पर एकांत स्थान पर जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।







