भागलपुर। भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। तीन दिन पहले हुई इस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मृतक के सगे मामा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश पारिवारिक विवाद, अवैध संबंधों और साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन के कारण रची गई थी।
भांजे को रास्ते से हटाने के लिए रची गई साजिश
पुलिस जांच के अनुसार कहलगांव निवासी अभिषेक को अपने मामा संतोष दास की निजी जिंदगी और कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि अभिषेक द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने से नाराज संतोष दास ने भांजे को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और इसके लिए अन्य लोगों को शामिल किया।
दो लाख की सुपारी देकर कराई गई हत्या
जांच में खुलासा हुआ है कि संतोष दास ने करीब दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या को अंजाम दिलवाया। वारदात को ननिहाल क्षेत्र मसकन बरारी में अंजाम दिया गया, ताकि शक किसी और दिशा में चला जाए। हत्या के बाद मामले को सामान्य दिखाने के लिए साजिश के तहत गुमशुदगी की कहानी रची गई।
चार आरोपी गिरफ्तार, साक्ष्य बरामद
भागलपुर के सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्य आरोपी संतोष दास के अलावा रितिक, राधे और आयुष को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सामग्री और तकनीकी साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
साइबर ठगी के नेटवर्क से भी जुड़े तार
पुलिस ने बताया कि अभिषेक कथित तौर पर संतोष दास के साइबर ठगी नेटवर्क में सहयोगी की भूमिका निभा रहा था। बाद में पैसे और नियंत्रण को लेकर दोनों के बीच विवाद गहरा गया। अभिषेक की बढ़ती पकड़ और जानकारी संतोष के लिए खतरा बन गई, जिसके चलते हत्या की साजिश रची गई।
पहले भी जेल जा चुका है मुख्य आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक संतोष दास पूर्व में साइबर ठगी के एक मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और तिहाड़ जेल में भी रह चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।







