लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को यूपी एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। ठाकुरगंज इलाके से टीम ने एक बांग्लादेशी महिला को फर्जी दस्तावेजों के साथ अवैध रूप से रह रहे पकड़ा है। महिला को फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराने वाले युवक को भी हिरासत में लिया गया। दोनों से एटीएस और खुफिया एजेंसियां विस्तार से पूछताछ कर रही हैं।
जांच में सामने आया है कि महिला लंबे समय से किराये पर रहकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रही थी। फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में स्थानीय स्तर पर सक्रिय गिरोह की भूमिका भी सामने आ रही है।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की मौजूदगी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है। यूपी एटीएस लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है, बावजूद इसके कई संगठित गिरोह घुसपैठ, भारतीय पहचान पत्र बनवाने और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में सक्रिय पाए गए हैं।
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए थे कि घुसपैठियों को चिह्नित कर डिटेंशन सेंटर भेजा जाए और सत्यापन के बाद उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जाए।
एटीएस पिछले आठ वर्षों में करीब 200 बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन देश वापस भेजने की प्रक्रिया अब भी गति पकड़ नहीं सकी है। बड़े शहरों से लेकर छोटे जिलों तक, कई जगह इन घुसपैठियों के ठिकाने बनाए जाने की जानकारी लगातार सामने आ रही है।







