महिलाओं के फिंगर प्रिंट से फर्जी सिम-बैंक खाते खुलवाए जाते थे
अजमेर। साइबर धोखाधड़ी के एक नए मॉड्यूल का खुलासा करते हुए अजमेर पुलिस ने महिलाओं के आधार और फिंगर प्रिंट लेकर उनके नाम से फर्जी सिम और बैंक खाते खुलवाने वाले गिरोह को पकड़ा है। क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गैंग प्राधानमंत्री योजना और जियो सिम के प्रचार के नाम पर महिलाओं को झांसा देकर उनके दस्तावेज और फिंगर प्रिंट लेता था।
प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. अजय सिंह राठौड़ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश ओझा (36), राजकुमार वैष्णव उर्फ राजू (45), बजरंग नायक (29), राजू जाट (34), नरेश माली (32) और नंदकिशोर मेघवंशी (33) शामिल हैं। आरोपियों से 6 एंड्रॉयड और 2 कीपैड मोबाइल, फिंगर प्रिंट मशीन, 2 साउंड बॉक्स, 13 एयरटेल 5G सिम, 5 पैन कार्ड, 13 आधार कार्ड और एक कार बरामद की गई है।
जांच में क्या सामने आया
पुलिस के अनुसार, गिरोह महिलाओँ को “प्रति कस्टमर 2500 रुपये लाभ” का लालच देकर उनके आधार-पैन और फिंगर प्रिंट लेता था। इन्हीं फिंगर प्रिंट के आधार पर महिलाओं के नाम पर सिम अलॉट कराए जाते थे, फिर इन्हीं सिम पर एयरटेल पेमेंट बैंक में खाते खोलकर क्यूआर किट तैयार की जाती थी। यही किट साइबर ठगों को 12 हजार से अधिक कीमत में बेची जाती थी। गिरोह के प्रत्येक सदस्य का रोजाना 12-13 महिलाओं को टारगेट होता था। महिलाओं को शक न हो, इसके लिए उनके खातों में कुछ हजार रुपये भी ट्रांसफर किए जाते थे।
एक शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क
एक महिला की शिकायत पर यह पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। महिला ने बताया कि उससे जियो कस्टमर जोड़ने के नाम पर दस्तावेज और फिंगर प्रिंट लिए गए थे और बाद में उसे धोखाधड़ी का संदेह हुआ। पुलिस के अनुसार यह गिरोह नागौर सहित कई जिलों में सक्रिय था और अब तक 1000 से ज्यादा महिलाओं को निशाना बना चुका है।
आगे की कार्रवाई
गैंग की गिरफ्तारी में जिला स्पेशल टीम प्रभारी शंकर सिंह और कांस्टेबल मुकेश टांडी का अहम योगदान रहा। पुलिस गिरोह के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग किन साइबर अपराधों में हुआ है।







