विकासनगर- देहरादून पुलिस ने ट्यूशन ना जाने पर पापा की डाट की डर से गुमशुदा नाबालिक बच्चो को 24 घंटे के अंदर सकुशल बरामद किया।
बीती शनिवार को विकास नगर निवासी एक व्यक्ति द्वारा चौकी बाज़ार पर सूचना दी कि उनके 02 भांजे, जो (12 वर्ष) तथा (14 वर्ष) के है, शाम के समय घर से ट्यूशन जाने के लिए निकले थे, किंतु देर रात तक घर वापस नहीं लौटे और न ही ट्यूशन पहुँचे। वादी की तहरीर के आधार पर तत्काल कोतवाली विकासनगर अपर मु०अ०सं०- 254/2025, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता का अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर कोतवाली विकास नगर पर अलग अलग पुलिस टीमें गठित कर बच्चों की खोज हेतु बहुआयामी व संगठित प्रयास प्रारंभ किए गये। पुलिस टीम द्वारा कंट्रोल रूम के माध्यम से बच्चो की तलाश हेतु सभी थानों व चौकियों को संदेश प्रसारित कर बच्चों की पहचान और डिटेल साझा की गई। साथ ही बच्चो की फ़ोटो को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते है आस पास के जनपदों/ राज्यो को बच्चो की तलाश हेतु अवगत कराया गया।
इसके अतिरिक्त आने जाने वाले मार्गो व संभावित स्थानों पर लगभग 200 सीसीटीवी कैमरों की फूटजो को चैक करते हुए बच्चों की फोटो के माध्यम से मुख्य बाजारों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर तलाश की गई व बच्चों के ट्यूशन सेंटर व उनके मित्रों तथा सहपाठियों से बातचीत कर जानकारी ली गई। पुलिस टीम द्वारा पूरी रात किये गये अथक प्रयासो से आज पुलिस टीम द्वारा दोनों गुमशुदा बच्चों को सकुशल उनके दोस्त के जीवनगढ़ स्थित घर से बरामद किया गया।
बच्चों से पूछताछ में उनके द्वारा बताया कि उनके ट्यूशन न जाने पर उनके पिता द्वारा उन्हें डांट दिया था, जिससे डरकर वे अपने दोस्त के घर चले गए और वहीं रुक गए। रात्रि में उनके दोस्त द्वारा उनके परिजनों को फोन के माध्यम से सूचना देने का प्रयास किया पर दोनों बच्चों द्वारा अपने पिता की डाँट के डर से उसे ऐसा करने से मना कर दिया।
पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से मात्र 24 घंटे के भीतर ही दोनों लापता बच्चों को पुलिस द्वारा सकुशल उनके माता-पिता को सुपुर्द किया गया, जिस पर बच्चो के परिजनों द्वारा अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था बनाये रखने के साथ साथ दून पुलिस की जन सुरक्षा व मानवीय संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए आभार प्रकट किया गया।







